बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का गणेश गोदियाल पर पलटवार, बोले- आरोपों से जांच प्रभावित करने की हो रही कोशिश

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का गणेश गोदियाल पर पलटवार, बोले- आरोपों से जांच प्रभावित करने की हो रही कोशिश

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BKTC Chairman Hemant Dwivedi hits back at Ganesh Godiyal

देहरादून। BKTC Chairman Hemant Dwivedi hits back at Ganesh Godiyal, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत दिवेदी ने पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल द्वारा मंदिर समिति पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए तीखा हमला बोला है।

सोमवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि गोदियाल के अनर्गल आरोप और बयानबाजी कुछ और नहीं, बल्कि कांग्रेस के शर्मनाक कृत्यों से जनता का ध्यान भटकाने की एक हताश कोशिश है।

उन्होंने दो टूक कहा कि जिन्होंने अपने कार्यकाल में मंदिर समिति के करोड़ों रुपये के संसाधनों का दुरुपयोग किया और चंदे के पैसों को अपने चहेतों पर लुटाया, उनके मुंह से मंदिर की पवित्रता पर ज्ञान और नैतिकता का पाठ सुनना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

'जांच को प्रभावित करने का हो रहा प्रयास'

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत दिवेदी ने गणेश गोदियाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयानों पर कानूनी और प्रक्रियात्मक सवाल उठाए।

  • गोदियाल के दावे पर सवाल: "गोदियाल ने दावा किया है कि चोरी कांड में गिरफ्तार दूसरे अभियुक्त ने पुलिस के सामने यह कहा कि उसे 'ऊपर से निर्देश' मिलते थे। मैं पूछना चाहता हूं कि यह जानकारी पब्लिक डोमेन में नहीं है, तो गोदियाल को कहां से मिली? क्या उनकी आरोपित से सीधे कोई बातचीत हुई है या वे जांच एजेंसी के समानांतर काम कर रहे हैं?"
  • भ्रम फैलाने का आरोप: दिवेदी ने आरोप लगाया कि यदि यह बात झूठी है, तो स्पष्ट है कि गोदियाल जानबूझकर झूठी बयानबाजी कर जांच को भटकाने और असली दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश हैं कि जो भी दोषी होगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

वर्तमान में गतिमान हैं तीन उच्च स्तरीय जांचें

बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि गड़बड़ी और चोरी का मामला सामने आते ही मंदिर समिति और सरकार ने बिना देर किए त्वरित कार्रवाई की। वर्तमान में प्रकरण की तीन स्तरों पर जांच चल रही है।

  • SIT (विशेष जांच दल) की जांच
  • विभागीय आंतरिक जांच
  • कमिश्नर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय उच्च स्तरीय जांच

उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति या दल से नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए है। बदरी-केदार की पवित्रता से कोई समझौता नहीं होगा। दूध का दूध और पानी का पानी जांच के बाद सबके सामने आ जाएगा।

नियमों को ताक पर रखकर दीं दो प्रोन्नतियां

प्रेसवार्ता में उन्होंने साक्ष्यों का हवाला देते हुए गणेश गोदियाल के कार्यकाल (कांग्रेस सरकार के दौरान) में हुए प्रशासनिक सेवा नियमों के उल्लंघन का बड़ा खुलासा किया।

  • अवैध नियुक्ति और बैक-डोर प्रमोशन: जिस वैयक्तिक सहायक (प्रमोद नौटियाल) पर चोरी के आरोप लगे हैं, उसकी नियुक्ति 2003 में इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के तौर पर हुई थी। गोदियाल ने अपने अध्यक्षीय कार्यकाल में एक्ट और नियमों का उल्लंघन करते हुए उस पद को बिना किसी विधिक प्रावधान के सीधे 'वैयक्तिक सहायक' के पद पर समायोजित कर दिया।
  • ग्रेड-पे का खेल: नियमों को धता बताते हुए एक ही कर्मचारी को लगातार दो प्रमोशन दिए गए और उसे सीधे 2800 ग्रेड-पे से उठाकर 4600 ग्रेड-पे पर बैठा दिया गया। आज भी विभाग में इंटरनेट कोऑर्डिनेटर का मूल पद खाली चल रहा है।

'मंदिर के धन की डकैती की'

संसाधनों के दुरुपयोग पर हमला बोलते हुए दिवेदी ने पूर्व कमिश्नर सुशील कुमार की वर्ष 2025 की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि "मेरे 14 महीने के कार्यकाल में मैंने मंदिर समिति का एक भी स्टाफ अपने साथ नहीं रखा, सारा स्टाफ यात्रियों की सेवा में फील्ड में है, जबकि गोदियाल के समय 10-10 सरकारी कर्मचारी उनके घरों, स्कूलों और राजनीतिक क्षेत्रों में सेवा कर रहे थे।

वे विधायक की तनख्वाह भी ले रहे थे और मंदिर समिति के करोड़ों के संसाधनों का उपभोग भी कर रहे थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि एक्ट के अनुसार मंदिर की आय का उपयोग मंदिर, धर्मशालाओं और संस्कृत विद्यालयों के उत्थान में होना चाहिए। परंतु, गोदियाल ने अपने 5 वर्ष के कार्यकाल में समिति के अधीन आने वाली 27 धर्मशालाओं और 7 संस्कृत विद्यालयों पर एक रुपया खर्च नहीं किया।

इसके विपरीत, मंदिर के पैसे को अपने विधानसभा क्षेत्र और अपने निजी कॉलेज में विवेकाधीन कोष की तरह व्यक्तिगत लोगों को 25 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक की रेवडियों के रूप में बांटकर वित्तीय डकैती को अंजाम दिया।

कांग्रेसी खो चुके हैं संवेदना

अध्यक्ष हेमंत दिवेदी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर भी सांस्कृतिक और नैतिक प्रहार किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में उत्तराखंड की एक बेटी द्वारा आत्महत्या करने और एक कांग्रेस कार्यकर्ता की मृत्यु हुई।

कहा कि शोक संतप्त माहौल में, जहां एक तरफ मंच पर मृत बेटी की फोटो लगी थी और उसके लाचार पिता खड़े थे, वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी के स्वागत में गणेश गोदियाल समेत तमाम कांग्रेसी नाच रहे थे।

कांग्रेसियों की संवेदनाएं पूरी तरह मर चुकी हैं। जब सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ इनके कार्यकर्ताओं की अमर्यादित भाषा की पोल खुली, तो ये लोग ध्यान भटकाने के लिए मंदिर को राजनीति का अखाड़ा बना रहे हैं।

इस दौरान हेमंत दिवेदी के साथ भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी एवं मीडिया संपर्क संयोजक हरीश चमोली भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।